Betaab Dil Ki Tamanna Yehi Hai (From ”Hanste Zakhm”) lyrics
by Lata Mangeshkar
[Intro]
बेताब दिल की तमन्ना यही है
बेताब दिल की तमन्ना यही है
तुम्हें चाहेंगे, तुम्हें पूजेंगे
तुम्हें अपना खुदा बनाएँगे
बेताब दिल की तमन्ना यही है
[Verse 1]
सूने-सूने ख़ाबों में जब तक तुम ना आए थे
खुशियाँ थी सब औरों की, ग़म भी सारे पराए थे
अपने से भी छुपाई थी धड़कन अपने सीने की
हमको जीना पड़ता था, ख्वाहिश कब थी जीने की
[Chorus]
अब जो आ के तुमने हमें जीना सिखा दिया है
चलो, दुनिया नई बसाएँगे, बेताब दिल की तमन्ना यही है
[Verse 2]
भीगी-भीगी पलकों पर सपने कितने सजाए हैं
दिल में जितना अँधेरा था, उतने उजाले आए हैं
तुम भी हमको जगाना ना बाहों में जो सो जाएँ
जैसे खुशबू फूलों में, तुम में यूँ ही खो जाएँ
[Chorus]
पल भर किसी जनम में कभी छूटे ना साथ अपना
तुम्हें ऐसे गले लगाएँगे, बेताब दिल की तमन्ना यही है
[Verse 3]
वादें भी हैं, क़समें भी, बीता वक्त इशारों का
कैसे-कैसे अरमाँ हैं, मेला जैसे बहारों का
सारा गुलशन दे डाला, कलियाँ और खिलाओ ना
हँसते-हँसते रो दें हम, जितना भी हो हँसाओ ना
[Chorus]
दिल में तुम्हीं बसे हो, रहा आँचल वो भर चुका है
कहाँ इतनी खुशी छुपाएँगे?
[Outro]
बेताब दिल की तमन्ना यही है
तुम्हें चाहेंगे, तुम्हें पूजेंगे
तुम्हें अपना खुदा बनाएँगे
बेताब दिल की तमन्ना यही है